आनंदपाल एनकाउंटर - आईजी एमएन समेत 4 आईपीएस पर साजिशन हत्या का आरोप
आनंदपाल एनकाउंटर - आईजी एमएन समेत 4 आईपीएस
पर साजिशन हत्या का आरोप
चूरू कोर्ट पहुंची आनंदपाल की पत्नी और बेटी, एनकाउंटर बताया फर्जी
जयपुर।
आनंदपाल की बॉडी पिछले 13 दिनों से अंतिम संस्कार का इंतजार कर रही है, लेकिन उसकी पत्नी राजकंवर और बेटी योगिता आज चूरू पहुंची और रतनगढ़ थाने में दिनेश एमएन समेत चार आईपीएस को मिलाकर 37 लोगों के खिलाफ थाने में परिवाद दिया। परिवाद में आरोप है कि उसके पति के खिलाफ विभिन्न थानों में झूंठे मुकदमे दर्ज थे, जिसकी पैरवी आनंदपाल कर रहा था। अभी तक उस पर लगे आरोप कोर्ट में साबित नहीं हुए थे, लेकिन पुलिस दबाव में आनंदपाल को प्रताड़ित कर रही थी।
राजकंवर ने पाली के पूर्व सांसद बद्री जाखड़ और डीजीपी दिलीप जाखड़ पर पुलिस से मिलीभगत कर आनंदपाल को बीकानेर जेल में मारने के लिए साजिश रचने का आरोप लगाया। जिसमें बलबीर बानूड़ा की मौत हो गई थी। खुद को बचाने के लिए आनंदपाल को कस्टडी से फरार होना पड़ा।
इन आईपीएस पर लगे आरोप
एनकाउंटर को लेकर परिवाद में आरोप लगाया कि आईजी दिनेश एमएन और विपिन पांडेय ने आनंदपाल को पकड़ने की बजाय राजनेताओं की शह पर आनंदपाल को पहले से ही मारना तय कर लिया था। दोनों के इशारे पर एसपी राहुल बारहट, हरियाणा आईपीएस नरेंद्र बिजारणिया ने 34 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मिलकर उसको मार दिया।
डीएसपी विद्याप्रकाश ने ली थी गैंगस्टर राजू ठैठ से करोड़ों की सुपारी
परिवाद में डिप्टी विद्याप्रकाश चौधरी पर गैंगस्टर और आनंदपाल के विरोधी राजू ठैठ से आनंदपाल को मारने के लिए करोड़ों रुपए की सुपारी लेने का आरोप लगाया है। परिवाद में है कि सुपारी के बाद से ही विद्याप्रकाश अत्यधिक रूचि ले रहा था।
पर साजिशन हत्या का आरोप
चूरू कोर्ट पहुंची आनंदपाल की पत्नी और बेटी, एनकाउंटर बताया फर्जी
जयपुर।
आनंदपाल की बॉडी पिछले 13 दिनों से अंतिम संस्कार का इंतजार कर रही है, लेकिन उसकी पत्नी राजकंवर और बेटी योगिता आज चूरू पहुंची और रतनगढ़ थाने में दिनेश एमएन समेत चार आईपीएस को मिलाकर 37 लोगों के खिलाफ थाने में परिवाद दिया। परिवाद में आरोप है कि उसके पति के खिलाफ विभिन्न थानों में झूंठे मुकदमे दर्ज थे, जिसकी पैरवी आनंदपाल कर रहा था। अभी तक उस पर लगे आरोप कोर्ट में साबित नहीं हुए थे, लेकिन पुलिस दबाव में आनंदपाल को प्रताड़ित कर रही थी।
एनकाउंटर को लेकर परिवाद में आरोप लगाया कि आईजी दिनेश एमएन और विपिन पांडेय ने आनंदपाल को पकड़ने की बजाय राजनेताओं की शह पर आनंदपाल को पहले से ही मारना तय कर लिया था। दोनों के इशारे पर एसपी राहुल बारहट, हरियाणा आईपीएस नरेंद्र बिजारणिया ने 34 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मिलकर उसको मार दिया।
परिवाद में डिप्टी विद्याप्रकाश चौधरी पर गैंगस्टर और आनंदपाल के विरोधी राजू ठैठ से आनंदपाल को मारने के लिए करोड़ों रुपए की सुपारी लेने का आरोप लगाया है। परिवाद में है कि सुपारी के बाद से ही विद्याप्रकाश अत्यधिक रूचि ले रहा था।
@हम किसी भी खबर की सत्य होने का दावा नहीं करते है

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