हिन्दुओ के खिलाफ आर्थिक आरक्षण एक साज़िश है
राम राम सा भाईयो आज कल आप सभी ने देखा होगा की हर आदमी आर्थिक आधार पर आरक्षण की बात कर रहा है ! साथियों ये एक साज़िश है हिन्दू समाज के साथ जिस को समझने की जरूरत है ! देश की आज़ादी के बाद संविधान का निर्माण हुआ और संविधान के अनुसार ही आज तक आरक्षण लागू है ! आर्थिक आधार पर आरक्षण नहीं दिया जा सकता क्योंकि संविधान में इस प्रकार का कोई उल्लेख नहीं जिस से आर्थिक आरक्षण दिया जा सकता है ये तो बात है संवैधानिक सरुप की ! भाईयो वर्तमान आरक्षण को ख़त्म कर आर्थिक आधार से आरक्षण लागू करने का अर्थ है देश में हिन्दुओ का दमन करना मेरा तर्क आप को अजीब लग रहा होगा लेकिन ये सच है उस का उधारण आप के सामने है देश की कुल आबादी में 18% मुसलमान है और बाकी 82% गैर मुस्लिम ! देश में अब तक जारी किये गये BPL परिवारों की संख्या का 36 % मुसलमान है सोचने वाली बात ये है की अगर आर्थिक आधार पर आरक्षण मिलता है तो मुसलमान को ही सिर्फ इस का अधिक से अधिक लाभ होगा ! में...