"लौह पुरुष" सरदार वल्लभभाई पटेल

मित्रों, आज देश के महान स्वतंत्रता सेनानी और पहले ग्रह मंत्री "लौह पुरुष" सरदार वल्लभभाई पटेल की 64वीं(15 दिसंबर 1950) पुण्यतिथि है। आज हम जिस विशाल भारत को देखते हैं उसकी कल्पना वल्लभ भाई पटेल ने ही की थी। उनकी दृढ़ इच्छा शक्ति, नेतृत्व कौशल का ही कमाल था कि 600 रियासतों का भारतीय संघ में विलय हो सका |
सरदार वल्लभभाई पटेल का व्यक्तित्व हज़ारों-लाखों लोगों लिए प्रेरणा स्त्रोत रहा है, मैं आपके समक्ष उनके जीवन की एक महत्वपूर्ण घटना बाँटने जा रहा हूँ, जिसे सुन कर आप जान जाएंगे कि कर्तव्य-पालना क्या होता है। एक बार जब वल्लभभाई कोर्ट में एक महत्वपूर्ण केस की वकालत कर रहे थे, उसी दौरान उनकी धर्म-पत्नी झबेरा बेन की हालत बहुत गंभीर हो गई और उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जब उन्हें अपनी पत्नी की हालत की सूचना मिली तो उन्होंने अपने कर्तव्य को तवज्जो देते हुए केस लड़ना उचित समझा और उस केस को जीतने के बाद ही वह अपनी पत्नी के मृत शरीर को लेने पहुंचे।
मेरी कोशिश रहेगी सरदार वल्ल्भभाई पटेल के रस्ते पर युवाओं को चलने के लिए प्रेरित करना और देश की अखंडता को मजबूती प्रदान करना

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